एक प्रेरक वक्ता अपने दर्शकों को स्ट्रेस मैनेजमेंट के बारे में समझा रहा था.
उसने एक पानी से भरा गिलास उठाया. सभी ने सोचा कि अब "गिलास आधा खाली या आधा भरा है". यही पूछा और समझाया जाएगा. लेकिन वक्ता ने पूछा. कितना वजन होगा इस गिलास में भरे पानी का? लगभग सभी ने 300 से 400 ग्राम तक अपना अंदाजा बताया. वक्ता ने कहा कुछ भी वजन मान हो फर्क नहीं पड़ता, फर्क इस बात का पड़ता है कि मैं कितने देर तक इसे उठाए रखता हूँ यदि मैं इस गिलास को एक मिनट तक उठाए रखता हूँ तो क्या होगा? शायद कुछ भी नहीं. अगर मैं इस गिलास को एक घंट तक उठाए रखता हूँ तो क्या होगा? मेरे हाथ में दर्द होने लगे और शायद हो सकता है वो अकड़ भी जाए. अब अगर मैं इस गिलास को एक दिन तक उठाए रखता हूँ तो ?
गिलास नीचे रख दीजिये
ReplyDeleteएक प्रेरक वक्ता अपने दर्शकों को स्ट्रेस मैनेजमेंट के बारे में समझा रहा था.
उसने एक पानी से भरा गिलास उठाया. सभी ने सोचा कि अब "गिलास आधा खाली या आधा भरा है". यही पूछा और समझाया जाएगा. लेकिन वक्ता ने पूछा. कितना वजन होगा इस गिलास में भरे पानी का? लगभग सभी ने 300 से 400 ग्राम तक अपना अंदाजा बताया. वक्ता ने कहा कुछ भी वजन मान हो फर्क नहीं पड़ता, फर्क इस बात का पड़ता है कि मैं कितने देर तक इसे उठाए रखता हूँ यदि मैं इस गिलास को एक मिनट तक उठाए रखता हूँ तो क्या होगा? शायद कुछ भी नहीं. अगर मैं इस गिलास को एक घंट तक उठाए रखता हूँ तो क्या होगा? मेरे हाथ में दर्द होने लगे और शायद हो सकता है वो अकड़ भी जाए. अब अगर मैं इस गिलास को एक दिन तक उठाए रखता हूँ तो ?
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